Month: नवम्बर 2020

मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा – भाग 1

मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा  जब सारी त्रिलोकी जल मय हो गई थी और उस जल में भगवान विष्णु शेषनाग की शैया पर योग निद्रा के अधीन होकर सो रहे… Read More ›

भगवान विष्णु जी के हयग्रीव अवतार की कथा

एक समय की बात है भगवान विष्णु ने 10000 वर्षों तक घोर युद्ध किया । इस युद्ध के बाद थक गए और अपने वैकुंठधाम को आकर समाधि लगा कर अपने धनुष के सहारे सो गए । उसी समय देवताओं की… Read More ›

भगवान विष्णु जी का सर क्यों काट गया था

एक समय की बात है भगवान विष्णु  दैत्यों के साथ 10000 वर्ष तक युद्ध करके थक गए थे । तब वे अपने वैकुंठ धाम में गए और वहां उन्होंने अपने धनुष को जमीन पर रख दिया और पद्मासन लगाकर योग… Read More ›

महर्षि वेदव्यास जी की पुत्र प्राप्ति की इच्छा

एक समय की बात है महर्षि वेदव्यास  सरस्वती नदी के तट पर ,अपने आश्रम पर थे । उनके आश्रम पर दो गौरैया पक्षी रहते थे । उन्हें देखकर वे बड़े आश्चर्यचकित हो गए । उन्होंने देखा कि अभी अभी अंडे… Read More ›

देवी भागवत महात्मय – राजा दुर्दम और उनकी पत्नी रेवती के पुत्र रैवत का मन्वंतर के स्वामी होने की कथा

रुत्वाक मुनी बड़े ही विलक्षण बुद्धि वाले थे । रेवती का चौथा चरण गण्डान्त होता है । इस काल में जन्म लेने के कारण उनका पुत्र अति दुराचारी बन गया और इस कारणवश रुत्वाक मुनि  को बहुत ही दुख और… Read More ›

देवी भागवत श्रवण का महात्मय – रुत्वाक मुनि के दुख निवारण की कथा

 रुत्वाक नाम के एक विलक्षण बुद्धि वाले मुनि थे । समय आने पर उनके घर पुत्रोत्सव हुआ । रेवती का चौथा चरण गण्डान्त होता है ; उसीमे उस बालक की उत्पत्ति हुई थी । मुनिने उस लड़के के जातकर्म आदि… Read More ›

राजा सुधुम्रके स्त्री बनने और श्रीमद देवी भागवत श्रवण फलस्वरूप सदाके लिए पुरुष बनने की कथा

श्रीमद् देवी भागवत भक्ति और मुक्ति प्रदान करनेवाला महान पुराण है । इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के सारे कार्य सिद्ध हो जाते हैं और वह आदि शक्ति की भक्ति प्राप्त कर संसार बंधन से मुक्त होने का अधिकारी बन… Read More ›

श्रीकृष्ण का जाम्बवती से विवाह कैसे हुआ

द्वारिका में सत्राजित नाम का एक भोजवंशी राजा रहता था जो भगवान सूर्यनारायण का परम भक्त था । उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर सूर्यनारायण ने उसे अपना लोक दिखाया था और सम्यन्तक नाम की एक मणि उसे दी थी ।… Read More ›

देवीभागवत श्रवण का महात्म्य – श्री कृष्णा के अपयश शांति की कथा

श्रीमद् देवी भागवत का श्रवण भक्ति और मुक्ति देने वाला है । इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के सारे दुख दूर हो जाते हैं और उसका जीवन हर्ष , संतोष से भर जाता है । भगवान श्री कृष्ण के पिता… Read More ›

पंचप्रकृतिया कौन है – जानिए इन आदि देवियों के नाम और गुण

गणेश जननी दुर्गा , महालक्ष्मी , सरस्वती , सावित्री और श्री राधा,  यह पुराणों और वेदों के अनुसार पंच प्रकृति कहीं जाती है । पूर्णब्रह्मा परमेश्वर  भगवान श्री कृष्ण स्वेच्छामय  है । उनके मन में  सृष्टि करने की इच्छा होते… Read More ›

जानिए कैसे आयी भगवती गंगा भारतवर्ष में और उनका भागीरथी नाम क्यों पड़ा

पूर्व काल मे सगर नाम के एक  सूर्यवंशी राजा हुए थे जिन की दो पत्नियां थी वैदर्भी और शब्य्या । शब्य्या का पत्र परम प्रतापी और कुल को पावन करने वाला असमंजस था । वैदर्भी ने पुत्र प्राप्ति के लिए… Read More ›

जानिए क्यों आना पड़ा था गंगा को गोलोक छोड़ के

एक बार भगवान श्रीकृष्ण गोलोक में , रासमण्डल में विराजमान थे । भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधा जी के शरीर जलमय होने से उत्पन्न श्री गंगा जी ने एक सुंदर स्त्री का रूप धर के वहीं आयी जहा भगवान श्रीकृष्ण… Read More ›

गोलोक में गंगा की उत्पत्ति की कथा

  एक समय की बात है कार्तिकी पूर्णिमा के अवसर पर गोलोक  में राधा महोत्सव मनाया जा रहा था । इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण  ने श्री राधा जी पूजा की , उसके बाद ब्रह्मा और शिव आदि सहित… Read More ›

कैसे उत्पन्न हुई सुरभि माता – जो सब गौओं की जननी है

एक बार पूर्ण परब्रह्म श्री कृष्ण अपने गोलोक स्तिथ वृन्दावन में अपनी प्रिय राधा जी के साथ विहार कर रहे थे । ये वृन्दावन अनेक तरह के सरोवरों से , नाना प्रकार के पेड़ों से भरा है ।, अनेक पहाड़… Read More ›

जगदम्बा का दुर्गा नाम कैसे पड़ा

प्राचीन समय मे दुर्गम नाम का एक दैत्य था । वेद देवताओं का बल है और यदि वेद देवताओं के पास ना रहे तो ओ दुर्बल होजाएंगे ये सोचकर उसने वेदों को प्राप्त करनेके लिए,  हिमालय पर जाके ब्रह्मजीकी तपस्या… Read More ›