श्री कृष्ण की कथाएँ

पढ़िए श्री कृष्ण की कहानियां और आनंद लीजिये उनकी लीलाओं का

श्रीमदभागवत श्रवण के प्रभावसे भक्ति,ज्ञान,वोराग्य का बूढ़े से युवा हो जाना

देवर्षी नारद भगवान के परम भक्तों में से एक है । वे सदा भ्रमण करते रहते है । एक समय की बात है नारदजी को सनकादि मुनि मिल गए । सनकादि ऋषियों ने नारदजी से पूछा , नारद तुम इतने… Read More ›

श्रीमद्भागवत श्रवण के प्रभाव से धुंधुकारी को पिशाच शरीर से मुक्ति की कथा

कलियुग के प्रारंभ में , आत्मदेव और धुंधुलि नाम के पति पत्नी तुंगभद्रा नदी के तट पर स्तिथ एक नगर में वास करते थे । आत्मदेव के पास संपत्ति और सुख सुविधा की कोई कमी नही थी । आत्मदेव वेदों… Read More ›

भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का रेवत की पुत्री रेवती के साथ विवाह की कथा

 वैवस्वत मनु के कुल में रेवत नाम के एक राजा हुए । शत्रुओंको परास्त करनेवाले रेवत ने समुद्र के मध्य एक सुंदर नगरी का निर्माण करवाया था । उस नगरी का नाम कुशस्थली था, उसी नगर में रहकर रेवत अपने… Read More ›

जानिए कैसे भगवान विष्णु की माया के प्रभाव से नारद मुनि स्त्री बन गए थे

एक समय की बात है, नारद मुनि के मन में भगवान विष्णु के दर्शन करने की इच्छा हुई । तब स्वर्ग से वैकुंठ के लिए चल दिये , नारद मुनि को वहां पर भगवान विष्णु के दर्शन हुए ।  विष्णु… Read More ›

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के पुत्र एकवीर की कथा

एक समय की बात है, भगवान विष्णु ने अपने प्राणों से भी प्रिय पत्नी लक्ष्मी जी को, घोड़ी होने का शाप दे दिया था । इसी कारणवश, लक्ष्मी जी घोड़ी बनकर कर यमुना और तमसा नदी के , संगम स्थान… Read More ›

लक्ष्मी जी का घोड़ी के रूप में महादेव की तपस्या करने की कथा

एक समय की बात है भगवान विष्णु ने लक्ष्मी जी को घोड़ी होने का शाप दे दिया । भगवान विष्णु की प्रत्येक लीला में रहस्य होता है । अपने हर कार्य का कारण वे अच्छी तरह से जानते हैं ।… Read More ›

महर्षि वेदव्यास की उत्पत्ति की कथा

महामुनि पराशर तीर्थयात्रा कर रहे थे । घूमते घूमते वे यमुना नदी के तट पर आए । खेवट को पराशर मुनि जी ने नदी पार करने के लिये कहा । उस समय खेवट भोजन कर रहा था , इसीलिए उनोहनें… Read More ›

व्यासपुत्र – शुकदेव जी के जन्म की कथा

 एक समय की बात है महर्षि वेदव्यास सरस्वती तट पर स्थित अपने आश्रम पर रहते थे । उनके आश्रम पर दो गौरैया पक्षी रहते थे उन्हें देखकर महर्षि वेदव्यास को बड़ा आश्चर्य हुआ । उन्होंने देखा कि यह पक्षी अभी-अभी… Read More ›

शुकदेव जी के विहाव की कथा

महर्षि वेदव्यास सरस्वती नदी के तटपर अपने आश्रम में निवास करते थे । उनके आश्रम पर स्थित दो गौरैया पक्षियों को अपने बच्चों से लाड प्यार करते देख उनके मन में भी पुत्र प्राप्ति की इच्छा उत्पन्न हुई । तब… Read More ›

श्रीमद देवीभागवत की प्राकट्य की कथा

सरस्वती नदी के तट पर स्थित अपने आश्रम पर महर्षि वेदव्यास अपने पुत्र शुकदेव जी को  विवाह करने के लिए को मना रहे थे । गृहस्थ आश्रम के प्रति उनकी निरसक्ति और इसके कष्टदाई होने की बातों को सुनकर और… Read More ›

मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा – भाग 2

ब्रह्मा जी को देखकर दोनों दैत्य कहने लगे, तो तू भागकर यहां पर आ गया है और इस चार हाथ वाले पुरुष के सामने खड़ा है । ठीक है हम पहले इस चार हाथ वाले को मारेंगे बाद में तेरा… Read More ›

मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा – भाग 1

मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा  जब सारी त्रिलोकी जल मय हो गई थी और उस जल में भगवान विष्णु शेषनाग की शैया पर योग निद्रा के अधीन होकर सो रहे… Read More ›

भगवान विष्णु जी के हयग्रीव अवतार की कथा

एक समय की बात है भगवान विष्णु ने 10000 वर्षों तक घोर युद्ध किया । इस युद्ध के बाद थक गए और अपने वैकुंठधाम को आकर समाधि लगा कर अपने धनुष के सहारे सो गए । उसी समय देवताओं की… Read More ›

भगवान विष्णु जी का सर क्यों काट गया था

एक समय की बात है भगवान विष्णु  दैत्यों के साथ 10000 वर्ष तक युद्ध करके थक गए थे । तब वे अपने वैकुंठ धाम में गए और वहां उन्होंने अपने धनुष को जमीन पर रख दिया और पद्मासन लगाकर योग… Read More ›

महर्षि वेदव्यास जी की पुत्र प्राप्ति की इच्छा

एक समय की बात है महर्षि वेदव्यास  सरस्वती नदी के तट पर ,अपने आश्रम पर थे । उनके आश्रम पर दो गौरैया पक्षी रहते थे । उन्हें देखकर वे बड़े आश्चर्यचकित हो गए । उन्होंने देखा कि अभी अभी अंडे… Read More ›