शुकदेव जी महर्षि वेद व्यास के औरस पुत्र थे । इनका जन्म महर्षि वेद व्यास के वीर्य का घृताची नाम की स्वर्ग की अप्सरा को देख लकडीपर गिरने से हुआ था । उस वक़्त ओ अप्सरा वेदव्यास जी से डर… Read More ›
hindu devataon ki kahaniya
मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा – भाग 2
ब्रह्मा जी को देखकर दोनों दैत्य कहने लगे, तो तू भागकर यहां पर आ गया है और इस चार हाथ वाले पुरुष के सामने खड़ा है । ठीक है हम पहले इस चार हाथ वाले को मारेंगे बाद में तेरा… Read More ›
मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा – भाग 1
मधु कैटभ को देवी के वरदान और उनके साथ भगवान विष्णु के युद्ध की कथा जब सारी त्रिलोकी जल मय हो गई थी और उस जल में भगवान विष्णु शेषनाग की शैया पर योग निद्रा के अधीन होकर सो रहे… Read More ›
भगवान विष्णु जी के हयग्रीव अवतार की कथा
एक समय की बात है भगवान विष्णु ने 10000 वर्षों तक घोर युद्ध किया । इस युद्ध के बाद थक गए और अपने वैकुंठधाम को आकर समाधि लगा कर अपने धनुष के सहारे सो गए । उसी समय देवताओं की… Read More ›
भगवान विष्णु जी का सर क्यों काट गया था
एक समय की बात है भगवान विष्णु दैत्यों के साथ 10000 वर्ष तक युद्ध करके थक गए थे । तब वे अपने वैकुंठ धाम में गए और वहां उन्होंने अपने धनुष को जमीन पर रख दिया और पद्मासन लगाकर योग… Read More ›
महर्षि वेदव्यास जी की पुत्र प्राप्ति की इच्छा
एक समय की बात है महर्षि वेदव्यास सरस्वती नदी के तट पर ,अपने आश्रम पर थे । उनके आश्रम पर दो गौरैया पक्षी रहते थे । उन्हें देखकर वे बड़े आश्चर्यचकित हो गए । उन्होंने देखा कि अभी अभी अंडे… Read More ›
देवी भागवत महात्मय – राजा दुर्दम और उनकी पत्नी रेवती के पुत्र रैवत का मन्वंतर के स्वामी होने की कथा
रुत्वाक मुनी बड़े ही विलक्षण बुद्धि वाले थे । रेवती का चौथा चरण गण्डान्त होता है । इस काल में जन्म लेने के कारण उनका पुत्र अति दुराचारी बन गया और इस कारणवश रुत्वाक मुनि को बहुत ही दुख और… Read More ›
राजा सुधुम्रके स्त्री बनने और श्रीमद देवी भागवत श्रवण फलस्वरूप सदाके लिए पुरुष बनने की कथा
श्रीमद् देवी भागवत भक्ति और मुक्ति प्रदान करनेवाला महान पुराण है । इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के सारे कार्य सिद्ध हो जाते हैं और वह आदि शक्ति की भक्ति प्राप्त कर संसार बंधन से मुक्त होने का अधिकारी बन… Read More ›
श्रीकृष्ण का जाम्बवती से विवाह कैसे हुआ
द्वारिका में सत्राजित नाम का एक भोजवंशी राजा रहता था जो भगवान सूर्यनारायण का परम भक्त था । उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर सूर्यनारायण ने उसे अपना लोक दिखाया था और सम्यन्तक नाम की एक मणि उसे दी थी ।… Read More ›
देवीभागवत श्रवण का महात्म्य – श्री कृष्णा के अपयश शांति की कथा
श्रीमद् देवी भागवत का श्रवण भक्ति और मुक्ति देने वाला है । इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के सारे दुख दूर हो जाते हैं और उसका जीवन हर्ष , संतोष से भर जाता है । भगवान श्री कृष्ण के पिता… Read More ›
पंचप्रकृतिया कौन है – जानिए इन आदि देवियों के नाम और गुण
गणेश जननी दुर्गा , महालक्ष्मी , सरस्वती , सावित्री और श्री राधा, यह पुराणों और वेदों के अनुसार पंच प्रकृति कहीं जाती है । पूर्णब्रह्मा परमेश्वर भगवान श्री कृष्ण स्वेच्छामय है । उनके मन में सृष्टि करने की इच्छा होते… Read More ›