Month: दिसम्बर 2020

क्यों होना पड़ा था सर्पों को जनमेजय के यज्ञ में भस्म और क्यों कि थी आस्तिक मुनि ने उस यज्ञ में सर्पों की रक्षा

कश्यप मुनि की दो पत्नियां थी कद्रू और विनीता । कद्रू सर्पोंकी माता थी और विनीता गरुड़ की । एक समय की बात है भगवान सूर्य के रथ में जोते हुए अश्व को देखकर कद्रू ने मैं विनीत से कहा… Read More ›

जानिए कैसे रुरुमुनि द्वारा मुक्ति मिली थी शाप से अजगर बने ब्राह्मण को

पूर्वकाल मे रुरु नाम के एक मुनि थे जिनका जन्म भृगु वंशी प्रमति की पत्नी प्रतापी के गर्भ से हुआ था । रुरुमुनि का विवाह स्थूलकेशी नाम के एक मुनि की पुत्री प्रमद्वारा से तय हुआ था । प्रमद्वारा नाम… Read More ›

आधी आयु देकर रुरु मुनि द्वारा मरी हुई अपनी भावी पत्नी को जीवित करने की कथा

भृगु के कुल में प्रमती नाम के एक पुरुष उत्पन्न हुए थे प्रमति की पत्नी का नाम प्रतापी था । प्रतापी के गर्भ से रुरुमुनि का जन्म हुआ था जो महान तेजस्वी थे । उसी समय की बात है स्थूलकेशी… Read More ›

जानिए क्यों किया था जनमेजय ने सर्प यज्ञ

अभिमन्यु पुत्र परीक्षित ब्राह्मण कुमार के श्राप के कारण तक्षक नाग के काटने से मारे गए थे । परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जनमेजय को राजा बनाया गया । जनमेजय ने कृपाचार्य से धनुर्वेद और अन्य सारे विद्याओं… Read More ›

सूरथ नाम के राजा और समाधि नाम के वैश्य पर देवी की कृपा की कथा

बहुत पहले की बात है सूरथ नाम के एक राजा थे जो प्रजा का अपने पुत्रों की तरह पालन करते थे । एक समय सूरत राजा की दुश्मनी कोला विध्वंसी नाम के क्षत्रियों से हो गई ।  युद्ध में सेना… Read More ›

सत्यवती और शांतनु के विवाह की कथा

महाराज शांतनु हस्तिनापुर की सम्राट थे । देवी गंगा और उनका विवाह हुआ था । विवाह के समय रखे गए शर्त को तोड़ने के कारण गंगा शांतनु को छोड़कर चली गई थी इसीलिए शान्तनु अकेले ही अपना जीवन व्यतीत कर… Read More ›