एक दिन भगवान् श्रीकृष्ण बलरामजी और ग्वालबालोंके साथ गौएँ चराते हुए वृन्दावनसे बहुत दूर निकल गये । ग्रीष्म ऋतु थी। सूर्यकी किरणें बहुत ही प्रखर हो रही थीं । परन्तु घने घने वृक्ष भगवान् श्रीकृष्णके ऊपर छत्तेका काम कर रहे… Read More ›
कृष्ण अवतार
कृष्ण भाग ५ – कंसद्वारा देवकी और वासुदेव के छः पुत्रों की हत्या
पहले पुत्र के जन्म के बाद वसुदेवजी ने आकाशवाणी के समय दिए हुए वचन अनुसार उनके पुत्र को लेकर कंस की महल की और चल पड़े । मार्गमें जाते समय जनताने उनकी बड़ाई आरम्भ कर दी। दर्शकोंने कहा, भाइयो!… Read More ›
भाग १ – देवी पृथ्वी के असहनीय दुख और भगवान् द्वारा अवतार ग्रहण का वचन
द्वापर युग की बात है,लाखों दैत्यों ने राजाओं का वेश धारण करके इस पृथ्वी पर जन्म लिया था । कंस,पूतना,चाणूर, कालयवन, जरासंध, तृणावर्त, कागासुर, अघासुर, प्रलंबासुर, नरकासुर, शकटासुर, वत्सासुर,बकासुर,अरिष्टासुर,धेनुकासुर, कालिया ,व्योमासुर, कैवल्यपीड, बाणासुर, पौंड्रक, शिशुपाल,दंतवक्र ये सारे दैत्य इन… Read More ›