भागवत पुराण

देवर्षी नारद के पूर्व जन्म की कथा ।

एक दिन की बात है महर्षि वेदव्यास प्रातःकाल उठकर स्नान आदि करके सरस्वती नदी के तट पर स्थित अपने आश्रम पर बैठे थे । उनोहनें महाभारत और देवताओं के पराक्रम और लीलाओं से पूर्ण अनेक पुराणों का निर्माण किया था… Read More ›

भगवान विष्णु के चौबीस अवतारों का वर्णन

भगवान को जब सृष्टि करने की इच्छा उत्पन्न हुई तो उन्होंने अपने पुरुष रूप को प्रकट किया और कारण जल में शयन किया । उनके उसे  पुरुष रूप के नाभि से एक कमल उत्पन्न हुआ जिस में ब्रह्मा जी का… Read More ›

श्रीमदभागवत श्रवण के प्रभावसे भक्ति,ज्ञान,वोराग्य का बूढ़े से युवा हो जाना

देवर्षी नारद भगवान के परम भक्तों में से एक है । वे सदा भ्रमण करते रहते है । एक समय की बात है नारदजी को सनकादि मुनि मिल गए । सनकादि ऋषियों ने नारदजी से पूछा , नारद तुम इतने… Read More ›

श्रीमद्भागवत श्रवण के प्रभाव से धुंधुकारी को पिशाच शरीर से मुक्ति की कथा

कलियुग के प्रारंभ में , आत्मदेव और धुंधुलि नाम के पति पत्नी तुंगभद्रा नदी के तट पर स्तिथ एक नगर में वास करते थे । आत्मदेव के पास संपत्ति और सुख सुविधा की कोई कमी नही थी । आत्मदेव वेदों… Read More ›

आत्मदेव के पुत्र धुंधुकारी और गोकर्ण के जन्म की कथा

पूर्व समय की बात है तुंगभद्रा नदी के तटपर एक सुंदर नगर बसा था, उस नगर में  सारे वर्णों के अनेक लोग  अपने – अपने  वर्ण अनुसार कर्म में लगे रहते थे । उसी नगर में आत्मदेव नाम के एक… Read More ›