देवी भागवत पुराण

भगवती जगदंबा की कृपा से राजा सत्यव्रत को शाप से मुक्ति और राज्य प्राप्ति की कथा

राजा मान्धाता की उत्पत्ति पिता के कोख से हुई थी । स्वयं देवराज इंद्र ने जन्म के बाद इनकी रक्षा की थी । राजा मांधाता के वंश में अरुण नाम के एक राजा हुए , राजा अरुण के पुत्र का… Read More ›

जानिए पिता के पेट से उत्पन्न बालक की कथा जो आगे चलकर राजा मान्धाता कहलाए

बहोत पहले की बात है,महाराज कुकुत्स्य अयोध्या के राजा थे । राजा कुकुत्स्य को  इंद्रावह भी कहा जाता था क्यों कि इनोहनें दैत्यों के साथ युद्ध मे इंद्र को अपना वाहन बनाया था । दैत्यों को युद्ध मे पराजय करने… Read More ›

देवी भक्त राजा पुरंजय की कथा जिसने दैत्यों के साथ युद्ध में देवराज इंद्र को अपना वाहन बनाया था

पूर्व समय की बात है इक्ष्वाकु अयोध्या के राजा थे । राजा इक्ष्वाकु को सूर्यवंश का प्रवर्तक माना जाता है । वंश की वृद्धि के लिए राजा इक्ष्वाकु ने भगवती जगदंबा की बहुत ही कठिन तपस्या की थी । देवर्षि… Read More ›

भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का रेवत की पुत्री रेवती के साथ विवाह की कथा

 वैवस्वत मनु के कुल में रेवत नाम के एक राजा हुए । शत्रुओंको परास्त करनेवाले रेवत ने समुद्र के मध्य एक सुंदर नगरी का निर्माण करवाया था । उस नगरी का नाम कुशस्थली था, उसी नगर में रहकर रेवत अपने… Read More ›

अश्विनी कुमारों का सोमरस पान के अधिकार प्राप्ति की कथा

राजकुमारी सुकन्या महाराज शर्याति की पुत्री थी । राजा शर्याति ने अपनी पुत्री सुकन्या का विवाह च्यवन ऋषि से करवाया था । च्यवन ऋषि अंधे थे और बूढ़े भी थे । सुकन्या की अपने पति के प्रति श्रद्धा देखकर अश्विनी… Read More ›

अश्विनी कुमारों की सहायता से चवन ऋषि का युवा होना और भगवती जगदंबा की कृपा से सुकन्या का अपने युवा पति को पहचानना

 च्यवन ऋषि भगवती जगदंबा के परम भक्त थे । वे सदा अपना समय जगदंबा का ध्यान करने में व्यतीत करते थे । एक सरोवर के निकट जो मानसरोवर की तुलना करने वाला था महर्षि तपस्या कर रहे थे । उनके… Read More ›

राजकुमारी सुकन्या और चवन ऋषि के विवाह की कथा

वैवस्वत मनु के पुत्र राजा शर्याति थे ,उनकी अनेक पत्नियां थी । शर्याति की एक पुत्री थी,जिसका नाम सुकन्या था । समस्त रानियों को राजकुमारी सुकन्या अत्यंत प्रिय थी और वह देखने में अति सुंदर थी । राजा शर्याति के … Read More ›

जानिए कैसे नारद मुनि ने राजकुमारी दमयंती से विवाह किया था

देव ऋषि नारद भगवान विष्णु के श्रेष्ठ भक्तों में से एक है । वे सदा भ्रमण करते रहते हैं और भगवान विष्णु का नाम स्मरण भी करते रहते हैं । एक समय की बात है देवर्षि नारद ने अपने बहन… Read More ›

भगवती जगदंबा की कृपा से लक्ष्मीपुत्र एकवीर और राजकुमारी एकावली के विवाह की कथा

पूर्वकाल में हरीवर्मा नाम के एक राजा रहते थे । हरिवर्मा ने  भगवान विष्णु के जैसे पुत्र प्राप्ति के लिए 100 वर्षों तक घोर तपस्या की थी । तब भगवान विष्णु  और देवी लक्ष्मीने अश्व का रूप धारण करके एक… Read More ›

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के पुत्र एकवीर की कथा

एक समय की बात है, भगवान विष्णु ने अपने प्राणों से भी प्रिय पत्नी लक्ष्मी जी को, घोड़ी होने का शाप दे दिया था । इसी कारणवश, लक्ष्मी जी घोड़ी बनकर कर यमुना और तमसा नदी के , संगम स्थान… Read More ›